आ रहा पास या दूर में जा रहा
जनून न में हूँ कहाँ पे ..
कभी हुआ ये भी ..
खली राहों पे भी तू था मेरे साथ
कभी तुझे मिलके लौटा मेरा दिल यह खली खली हाथ
ये भी हुआ कभी , जैसे हुआ अभी
तुझको सभी में पा लिया
तेरा मुझे , कर जाती है दूरियां ..सताती हैं दूरियाँ ...